मादा तेंदुआ शिकार मामला, आरोपियों की जमानत खारिज

 


देवास। संरक्षित वन्यप्राणी मादा तेंदुआ के अवैध शिकार के मामले में न्यायालय ने सख्त संदेश देते हुए आरोपियों को राहत देने से इनकार कर दिया है। पंचम अपर सत्र न्यायाधीश, देवास ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अभियुक्तों की जमानत याचिका खारिज कर दी।

प्रभारी लोक अभियोजक श्रीमती जयंती पौराणिक ने बताया कि ग्राम पालनगर के वन क्षेत्र में एक मादा तेंदुआ मृत अवस्था में पाई गई थी। जांच में सामने आया कि तेंदुआ की मृत्यु खेतों में लगाए गए क्लच बॉयर के तारों से बने फंदे में फंसने के कारण हुई। यह फंदे दिनांक 2 जनवरी 2026 को शिकार की नीयत से लगाए गए थे, जिसमें फंसकर संरक्षित वन्यप्राणी तेंदुआ की मौत हो गई।

वन विभाग की टीम ने पूरे मामले की गंभीरता से जांच की और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में तेंदुआ की मौत का कारण तार के फंदे को बताया गया। अनुसंधान के बाद पन्ना नाथ पिता चुन्नी नाथ एवं भंवर नाथ पिता गणपत नाथ, निवासी नई आबादी नागदा, जिला देवास को अभियुक्त बनाया गया। दोनों के विरुद्ध वन अपराध प्रकरण क्रमांक 253/2017 अंतर्गत धारा 9 वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया।

न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि मृत तेंदुआ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की अनुसूची-01 में शामिल अत्यंत संरक्षित प्राणी है। इस कारण अपराध की प्रकृति गंभीर है और वर्तमान समय में संरक्षित वन्यप्राणियों की सुरक्षा सर्वोपरि है। इसी आधार पर अभियुक्तों की जमानत याचिका निरस्त कर दी गई।इस मामले में शासन की ओर से वन विभाग देवास का पक्ष प्रभारी लोक अभियोजक श्रीमती जयंती पौराणिक द्वारा मजबूती से रखा गया।

टिप्पणियाँ

तापमान

+29
°
C
+30°
+24°
Dewas
Saturday, 24
Sunday
+31° +24°
Monday
+27° +23°
Tuesday
+25° +23°
Wednesday
+27° +23°
Thursday
+24° +23°
Friday
+29° +23°
See 7-Day Forecast

Cricket Score

Archive

संपर्क फ़ॉर्म

भेजें