चेक बाउंस पर अदालत का फैसला, जेल के साथ प्रतिकर भरने का आदेश
देवास। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी युवराज सिंह साहब की अदालत ने चेक बाउंस के एक मामले में आरोपी अजय ऐरवाल को परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 की धारा 138 के तहत दोषी ठहराते हुए 6 माह के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
परिवादी सुनील डोडिया ने न्यायालय में प्रस्तुत परिवाद में बताया था कि वाहन फाइनेंस की बकाया राशि 78,200 के भुगतान के लिए आरोपी ने 26 जुलाई 2021 का चेक दिया था। बैंक में प्रस्तुत करने पर चेक फंड्स इनसफिशिएंट की टिप्पणी के साथ अनादरित हो गया। इसके बाद विधिक नोटिस भेजे जाने के बावजूद आरोपी ने निर्धारित अवधि में भुगतान नहीं किया।
प्रकरण की सुनवाई के बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषी मानते हुए 6 माह के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही चेक राशि एवं 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित कुल 1,12,862 प्रतिकर परिवादी को अदा करने का आदेश दिया। न्यायालय ने यह भी निर्देश दिया कि प्रतिकर राशि का भुगतान नहीं करने पर आरोपी को अतिरिक्त 3 माह का सश्रम कारावास भुगतना होगा।
प्रकरण में परिवादी की ओर से अधिवक्ता प्रवीण शर्मा ने सफल पैरवी की। अधिवक्ता चेतन राठौड़, अधिवक्ता दिनेश पालीवाल, अधिवक्ता जीवन सिंह कराड़ा, अधिवक्ता पूर्वा शर्मा तथा सहायक राकेश शर्मा का भी विशेष योगदान रहा।

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