इन्दौर डायग्नोस्टिक सेंटर पर बड़ी कार्यवाही
देवास। पीसीपीएनडीटी एक्ट 1994 के उल्लंघन के गंभीर आरोपों के मामले में देवास जिला कोर्ट ने इन्दौर डायग्नोस्टिक सोनोग्राफी सेंटर संचालक डॉ. पंकज गुप्ता की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सरोजिनी जेम्स बैक के अनुसार स्वास्थ्य विभाग की टीम ने औचक निरीक्षण में पाया कि सेंटर पर शासन के निर्देशों और प्रोटोकॉल का उल्लंघन कर अप्राधिकृत व्यक्ति गड्डू कुमार से सोनोग्राफी कराई जा रही थी। इस पर नोडल अधिकारी पीसीपीएनडीटी एक्ट डॉ. संतोष कोतकर ने कोतवाली थाना में एफआईआर दर्ज कराई।
सरकार की ओर से अपर लोक अभियोजक मनोज श्रीवास ने इसे गंभीर अपराध बताते हुए जमानत न देने का पक्ष रखा।माननीय अभिषेक गौड़, पंचम अपर सत्र न्यायाधीश देवास ने पाया कि प्राधिकृत व्यक्ति के स्थान पर अन्य द्वारा रेडियोडायग्नोसिस कार्य कराया जाना न केवल पीसीपीएनडीटी एक्ट बल्कि भारतीय न्याय संहिता के तहत भी दंडनीय अपराध है। इसी आधार पर कोर्ट ने अग्रिम जमानत आवेदन निरस्त कर दिया।

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