शहर में मटमैले पानी से हड़कंप, सवालों के बीच निगम ने तोड़ी चुप्पी
चैतन्य टाइम्स ने प्रमुखता से उठाया मुद्दा,आयुक्त बोले-जानिए पानी मटमैला क्यों आया और क्या है निगम का दावा
देवास(चेतन राठौड़)। शहर के कई वार्डों, विशेषकर वार्ड क्रमांक 26,36 में सरकारी नलों से मटमैला पानी आने का मामला सोशल मीडिया पर उठने के बाद नगर निगम प्रशासन ने अपनी प्रतिक्रिया जारी की है। निगम आयुक्त दलीप कुमार ने स्पष्ट किया कि लगातार बारिश के कारण क्षिप्रा नदी में मिट्टी का कटाव बढ़ने से पानी की टर्बिडिटी बढ़ी है, जिससे कुछ स्थानों पर पानी मटमैला दिखाई दे रहा है।
आयुक्त के अनुसार, जल वितरण से पहले फिल्टर किए गए पानी की नियमित रूप से प्रयोगशाला में टर्बिडिटी, क्लोरीन और पीएच की जांच कराई जा रही है। जांच में क्लोरीन का स्तर निर्धारित मानकों के अनुरूप पाया गया है तथा पानी में किसी प्रकार के बैक्टीरिया की पुष्टि नहीं हुई है। टर्बिडिटी को नियंत्रित रखने के लिए ट्रीटमेंट प्लांट में एलम और ब्लीचिंग पाउडर की मात्रा बढ़ाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए हैं।नगर निगम ने यह भी बताया कि क्षिप्रा ट्रीटमेंट प्लांट के 22 एमएलडी फागुलेटर की सफाई रविवार, 12 जुलाई को सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक की जाएगी। इसके चलते रानी बाग, उत्तम नगर, बजरंग नगर और अमोना टंकी से जुड़े क्षेत्रों में 12 जुलाई का जल वितरण प्रभावित रहेगा। इन क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति 13 जुलाई को टंकियां भरने के बाद की जाएगी।नगर निगम ने बारिश के दौरान प्रतिदिन पेयजल की गुणवत्ता की जांच करने और उसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के भी निर्देश जारी किए हैं।


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