बारिश ने फिर से खोली निर्माण कार्य की पोल,नाली का गंदा पानी मंदिरों में घुसा
आखिर कब होगा इस गंभीर समस्या का हल
जिम्मेदारों का मोन व कार्यशैली आम जनता को पीड़ित करने के समान
देवास। शहर में किस प्लानिंग के तहत निर्माण कार्य किया जाता है। इसका उदाहरण आज पुनः कुछ घंटों की बारिश में देखने को मिला। अभी कुछ महीने पहले ही खेड़ापति मंदिर के ठीक सामने और आगे जाने वाले मुख्य मार्ग पर स्थित नालियों का निर्माण किया गया था।
नालिया बनाकर इन्हें अपने हाल पर ही छोड़ दिया गया,साफ सफाई के अभाव में आज बारिश से इन नालियों में जलजमाव की स्थिति हो गई और गंदा पानी इन नालियों से बाहर निकल कर मार्गो पर आ गया ।मुख्य मार्ग पर ही स्थित जवेरी श्री राम मंदिर में नाली का गंदा पानी मंदिर प्रांगण में चारों ओर फैल गया।तहसील चौराहे से लेकर घन्टाघर चौराहे तक स्थिति इसी प्रकार दिखी।
ऐसा ही एक नजारा वार्ड क्रमांक 26 के मोती बंगले क्षेत्र में स्थित पशुपतिनाथ मंदिर में देखने को मिला मंदिर के ही समीप बनी हुई नालिया बारिश में भरा गई और सारा गंदा पानी मंदिर प्रांगण में आ गया। यह पानी भोलेनाथ की प्रतिमा तक पहुंच गया यह नजारा देख भक्त क्रोधित हो गए।
नगर निगम बारिश के पूर्व बड़ी-बड़ी बैठक आयोजित कर नालियों की साफ-सफाई की बात करता है। लेकिन यह बैठक केवल दृश्य तक ही सीमित रहती है यदि इस बैठकों को गंभीरता से लेकर कार्य किया जाता तो आज शहर में ऐसे हालात ना होते।
बारिश में शहरवासियों को इस समस्या से जूझना पड़ता है लेकिन जिम्मेदार अधिकारी सहित जनप्रतिनिधि कभी भी इस समस्या को हल करने के लिए आगे नहीं आए हैं।
शहर मे चारो और प्रमुख चौराहे से लेकर कई वार्डो में गंदे पानी,जलजमाव व अव्यवस्था का ऐसा नजारा देखकर आम जनता को अपने वोट की कीमत का एहसास हो गया है। आम जनता भी अब आकलन करने लगी है कि हम किसी को भी चुन ले लेकिन इन समस्याओं का हल किसी के पास नहीं है या जानबूझकर इस समस्या को विकराल रूप दिया जा रहा है?
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